
सोने और चांदी का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दिन प्रतिदिन कम ज्यादा होता रहता है। यही भाव में उतार चढ़ाव काफी चीजों को प्रभावित करता है जिसमें निजी मार्केट से लेकर, शेयर मार्केट सभी अपने अपने स्तर पर प्रभावित होते हैं।आज हम इनके भावों में उतार चढ़ाव क्यों होते है इसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।
मुद्रास्फीति – Inflation
मुद्रास्फीति का सामान्य भाषा में मतलब होता है – महंगाई, महंगाई के बढ़ने पर सामान्यतः सभी अपना धन बैंकों या किसी अन्य जगह रखने के बजाय सोने में निवेश करना काफी हद तक सही समझते हैं क्योंकि लगभग सोने चांदी का भाव स्थिर रहता है जिससे मुद्रास्फीति ज्यादा असर नहीं करती है।

ब्याज दरें – Interest Rate
ब्याज दरें भी सोने चांदी को प्रभावित करती हैं – ब्याज दरों के बढ़ने से लोग सोने को बेचते हैं जिससे प्राप्त पैसों को सही जगह पर निवेश करके बढ़ती ब्याज दरों का फायदा ले सकते हैं, जिससे सोने के भाव में कमी होती है। ब्याज दरों के घटने पर लोग सभी जगह से पैसा निकालकर सोने में निवेश करते हैं जिससे इसका भाव में वृद्धि होती है।

भारतीय आभूषण – Jewellery Demand
भारत में सोने चांदी के आभूषणों को श्रृंगार का प्रतीक माना जाता है। भारत में सोने चांदी के आभूषण काफी हद तक भाव में उतार चढ़ाव को प्रभावित करते हैं।

मानसून – Monsoon
भारत में एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग कुल सोने चांदी का 60% ग्रामीण इलाकों में रहता है ओर आज भी भारत की ग्रामीण जनसंख्या खेती पर निर्भर रहती है । मानसून के अच्छे प्रभाव से ग्रामीणों के पास पर्याप्त पूंजी होती है जिससे उन्हें अपने सोने चांदी पर निवेश करते हैं वहीं खराब मानसून के कारण पूंजी की तंगी होने के कारण सोने चांदी को बेचा जाता हे जिससे भाव में कमी आती है।

सरकारी भंडारण – Central Bank Reserve
सरकारी भंडारण से तात्पर्य है कि भारतीय रिजर्व बैंक अंतरराष्ट्रीय मार्केट से जब सोना खरीदता है तब बाजार में नकदी बढ़ती है – नतीजा, सोने चांदी के भावों में वृद्धि होती है।

अनिश्चितता से सुरक्षा – Economic Uncertainty
विश्व में राजनीतिक या आर्थिक अस्थिरता के समय सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं – नतीजा, सभी सोने में निवेश करते हैं जिससे सोने में वृद्धि होती है।

भू-राजनीतिक कारण – Geopolitical Factors
विश्व में अंतरराष्ट्रीय युद्धों, संकट या तनाव के कारण सोने चांदी के भावों में अस्थिरता होती है। जब इस प्रकार की घटनाएं होती है तो सोने चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप मानते हुए सभी निवेश करते हैं जिसके कारण सोने चांदी के भावों में वृद्धि होती है।
