विश्व पर्यटन दिवस : पर्यटन और शांति

पर्यटन हमें मनोरंजन ही नहीं देता बल्कि यह हमें आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक आदान प्रदान और सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक शांति का सबसे बड़ा साधन है | इसी कारण सयुंक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने वर्ष 1980 से हर साल 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाना शुरू किया | यह तिथि इस लिए चुनी गई क्योकि इसी दिन 27 सितम्बर 1970 को UNWTO के कानून अपनाया गए थे |
इतिहास की पृष्टभूमि से
प्रथम बार 1980 में मनाया गया था | नाइजीरिया के इग्नाटियस अमदुवा अतिगबी के यह विचार प्रस्तुत किया था, 2009 में मान्यता मिली थी |
UNWTO का मुख्यालय मैड्रिड (स्पेन) में है और इसमें 160 सदस्य देश शामिल है | इस दिवस का रंग नीला है|

उद्देश्य : पर्यटन की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनितिक, और आर्थिक भूमिका को उजागर करना |
भारत का पर्यटन में परिदृश्य
2024 में यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक में भारत 39वे स्थान पर |
2022 में भारत के पर्यटन क्षेत्र का GDP में योगदान 199.6 बिलियन डॉलर |
2000-2024 के बीच होटल और पर्यटन उद्द्योग में 17.2 बिलियन डॉलर FDI |
निष्कर्ष :- सभी आकड़े किताबी है और किताबो तक ही सही है लेकिन असल जिंदगी में भी पर्यटन का अपना अलग ही मजा , अनुभव और जानकारियों से जुड़ा हुआ है | कोई व्यक्ति जितना अपने किताबी ज्ञान से नहीं सिख पाता उससे कई गुना वह उस जगह पर जा कर महसूस करके उस जगह के अनुभव को जानकर प्राप्त कर सकता है |