भारत की पैरा तीरंदाज़ी खिलाड़ी 18 वर्षीय शीतला देवी ने पैरा वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में फिर एक बार इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम अंकित कर दिया है।
शीतला देवी जी ने कंपाउंड इंडिविजुअल कैटेगरी में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला तीरंदाजी बन गई है। इस चैंपियनशिप में बिना हाथ वाली एकमात्र प्रतियोगी थे। इनके साथ ही तोमर कुमार ने पुरुष वर्ग में गोल्ड अपने नाम किया है।
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- वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप
- शीतला देवी

वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप
विश्व तीरंदाज़ी चैंपियनशिप 2025, 22 से 28 सितंबर 2025 तक दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित किया गया था। यह 15 वा संस्करण था।
इस प्रतियोगिता में 47 देशों के 239 प्रतिभागी शामिल हुए थे। इसमे भारत ने 2 गोल्ड 2 सिल्वर 1 ब्रोंज कुल 7 पदक प्राप्त कर तालिका में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भारत से गोल्ड के लिए शीतला देवी, तोमर कुमार
भारत से सिल्वर के लिए राजेश कुमार, शीतला देवी ओर सरिता अधाना को संयुक्त प्राप्त हुआ है।
भारत से ब्रोंज के लिए शीतला देवी ओर तोमर कुमार को संयुक्त रूप से प्राप्त हुआ हैं।

शीतला देवी
शीतला देवी जी का जन्म जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ के लोईधर में 10 जनवरी 2007 में हुआ था।
शीतला देवी जी का जन्म फोकोमेलिया नामक दुर्लभ बीमारी के साथ हुआ था जिसके कारण इनके दोनों हाथ नहीं हैं।
इन्हें वर्ष 2023 के अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।